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Showing posts from December, 2019

किताब

एक किताब अच्छी और खूबसूरत जो मुझे बहुत पसंद थी जिसे पढ़ा करता था दिन रात उस किताब के अठारह अध्यायों में ग़्यारह पहाड़ी और सात समंदर जो मेरी जिंदगी मेरी खुशियों और शांति के प्रतीक एवं बुनियाद थी जिसे मैं खूब महसूस किया हूं यूँ कहिए कि उस किताब से मुझे प्यार हो गया था एक बार एक भयावह तूफान के चपेट में लाल चमचमाते रेशमी कपड़ों में लिपटी वही किताब जब नंगी हुई थी हो रही थी मैं देख चुका हूं मुझे खूब याद है उन अठारह अध्यायों को झकझोरता हुआ तूफान फरफराते उसके पृष्ठ थरथराते उसके सर्वान्न बस मैं भी कुछ नहीं कर सका सिर्फ देखता रहा ऐसे ही कुछ और तूफानों के बाद वह किताब वहां नहीं देखा था आज जब उस किताब को एक रंगीन महल और माहौल में देख रहा हूं जहां मैं भी रंगीन होने गया था उस किताब पर कुछ और रंग चढ़ा था उसके जिल्द जितने रंगीन थे उसके पृष्ठ उतनें ही भयानक अस्त-वस्त बदसूरत जिसके शब्द ... पढ़े नहीं जा रहे थे बीच बीच से गायब और बाकी बचे फटे पृष्ठों को अब कोई नहीं संभाल सकता था वह खुली किताब जिसे हर कोई देख सकता था मगर उसके धुंधले शब्द कोई नहीं प...

बेफिक्र हुई मम्मी

  बड़ी होती   लड़कीयों की   फिक्र करती   मम्मी के   सर ,नाक , छाती   और कमर से   फिसल कर   पता नहीं चला   कब हया की पानी   घुटने पर पहूंच गई   कपड़े   जो पिछले साल   सिलवा दी थी   छोटी होकर   पता नहीं चला   कब ...?   घुटने पार कर गई   साप की जगह   माल ने   जब से ली है   पता भी नहीं चला   मम्मी कब?   माम बन गई   बेटी कुछ भी करे   बोल नही सकती   अरे माम भी   हमाम के   जाल में फंस गयीं   बेटी की बहन बनकर   टेलर को दी टेंशन   माँ बेटी के कपड़े में   किसकी कौन   अंग दिखाए   जंघा किसकी   पीठ किसकी   बिल्कुल पशोपेश में..   फिर पेशेवरों की तरह   दोनों से माल खाये   दोनों के थप्पड़ खाये   फिर एक साथ   दोनों के बदन दिखाए   एक दिन माँ बेटी   दोनों फंस गयीं   एक ही सिनेमा हॉल में   दोनों भाई   वह भी एक ही हाल में  ...

अब क्या होगा..?

अब क्या होगा.....?  हे! भगवान तेरी कथा में यही है ना कि संसार के सारे जीवों में मनुष्य को सबसे बेहतर बनाया? पुरुषों को संपूर्ण सुंदरता के प्रतीक रूप में और नारी को अर्ध्य सुंदरी... सिंगार से वह भी संपूर्ण सुंदरी बन सकतीं हैं तुम जानते थे कि प्रकृति की संतुलन के लिए यह जरूरी है तुम यह भी जानते थे कि नारी अगर संपूर्ण सिंगार कर लेगी तो राक्षसों के बीच प्रलय आ जाएगा प्रलयंकारी तूफान से बचने के लिए अपना दूत भेजना कैसे भूल गया ? यही कहना है ना कि ...... जिसे रक्षक के रूप में भेजा .... वही भक्षक बन गया प्रेम जो संपूर्ण ब्रह्माण्ड के बीज मंत्र के रूप में भेजा था... वह गायब हो गया वह जगह स्वार्थ की जहरीली तूफान ने अपने गिरफ्त में ले लिया अब क्या होगा...? प्रकृति🌿🍃🧜‍♀️ अपनी सिंगार उतार दे ? या तुम फिर एक बार अवतार ले...!!