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अब क्या होगा..?

अब क्या होगा.....? 


हे! भगवान
तेरी कथा में
यही है ना कि
संसार के सारे जीवों में
मनुष्य को
सबसे बेहतर बनाया?
पुरुषों को
संपूर्ण सुंदरता के
प्रतीक रूप में
और नारी को
अर्ध्य सुंदरी...
सिंगार से वह भी
संपूर्ण सुंदरी बन सकतीं हैं
तुम जानते थे कि
प्रकृति की संतुलन के लिए
यह जरूरी है
तुम यह भी जानते थे कि
नारी अगर
संपूर्ण सिंगार
कर लेगी तो
राक्षसों के बीच
प्रलय आ जाएगा
प्रलयंकारी तूफान से
बचने के लिए
अपना दूत भेजना
कैसे भूल गया ?
यही कहना है ना
कि ......
जिसे रक्षक के रूप में
भेजा ....
वही भक्षक बन गया
प्रेम जो संपूर्ण ब्रह्माण्ड के
बीज मंत्र के रूप में
भेजा था...
वह गायब हो गया
वह जगह स्वार्थ की
जहरीली तूफान ने
अपने गिरफ्त में ले लिया
अब क्या होगा...?
प्रकृति🌿🍃🧜‍♀️
अपनी सिंगार उतार दे ?
या तुम फिर एक बार
अवतार ले...!!



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