काश मेरेे तरह सब के दिलों में बाहर की भांति दिल की गहराइयों में प्रेम ठहरने को एक विशाल बंगला होता जिसमें दरवाजे आंगन के साथ बंद शयनकक्ष होता जहाँ दो दिल मिल कर गुपचुप बातें करते उसी भांति चिर काल तक करते रहते जुदाई जिसका नाम ना लेते ,यही मेरी कामना!
स्त्री..! रहस्यों से भरी हुई एक ऐसी सुंदरतम प्राणी है जो सचमुच सम्मान का हकदार है।शक्ति उपासना का असली अर्थ शक्ति का सम्मान ही है।और कन्या उत्थान ही जीवन का आधार भी। मेरे ब्लॉग में अधिकांशतः इसी तरह की रचनाएँ आपको मिलेंगे। प्रकृति की यह आश्चर्यजनक एवं संतुलित रचना के नष्ट होने से बचाने का सतत प्रयास करना चाहिए। यही पुरुष का धर्म है।