काश
मेरेे तरह सब के दिलों में
बाहर की भांति
दिल की गहराइयों में
प्रेम ठहरने को
एक विशाल बंगला होता
जिसमें दरवाजे आंगन के साथ
बंद शयनकक्ष होता
जहाँ दो दिल मिल कर
गुपचुप बातें करते
उसी भांति चिर काल तक
करते रहते
जुदाई
जिसका नाम ना लेते
,यही मेरी कामना!
मेरेे तरह सब के दिलों में
बाहर की भांति
दिल की गहराइयों में
प्रेम ठहरने को
एक विशाल बंगला होता
जिसमें दरवाजे आंगन के साथ
बंद शयनकक्ष होता
जहाँ दो दिल मिल कर
गुपचुप बातें करते
उसी भांति चिर काल तक
करते रहते
जुदाई
जिसका नाम ना लेते
,यही मेरी कामना!
Comments
Post a Comment