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वोट फार घाघरा

 हम तुम्हें सफलता देंगे
तुम मुझे देह दो
लड़कियों
अब देर मत कर
अपनी कीमत पहचान
और आ जाओ समय रहते
बाजार में
यह शुभ घड़ी
अब सिर्फ तुम्हारे लिए है
आ जाओ सारी दुनिया के सामने
निर्विरोध मेरी बाहों में
अपनी जाल
बहुत दिनों से फैला रखा था
तुम्हें गिरफ्त में लेने के लिए
अब समय आ गया है
तुम्हारी इज्जत आबरू की
धज्जियां उड़ाने की
सिर्फ अब
तुम्हारी देह की परिभाषा
 लिखी जा रही है
 देह की कहानी पर
 बन रहे हैं फिल्म
 देह को ही मिलेंगे
 शत प्रतिशत वोट
 वोट फार घाघरा

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तुम्हारी सांसों के सरगम पर सितारों की तान दूँ जब तुम मेरे अपने हो जाओ मेघाच्छन आकाश ना भी होने पर बरसात के फुहारों का अहसास दूँ जब तुम मेरे अपने हो जाओ हां... मैं कह रहा हूँ दुनिया के सारे प्रतिबन्ध टूट जाएंगे उस पल हमारे अपने कानून चलेंगे दिन को रात रात को दिन सुबह को शाम सूरज को चांद करते चले जायेंगे हवा हीन मौसम में बसंती बयार मधु ना होने पर अमिय सागर में सरावोर होंगे मगर कब ? जब तुम मेरे अपने हो जाओ

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