ओह!
फिर चिड़ियों की माँ
चिड़ियों के लिए
चुगी चारा ले आई
काश!
उसके अंगों में
चोंच को छोड़ कर
ऊंटों की तरह
एक और
कम से कम
एक और परत
थैलियों की होती
बार बार उसे
आनी नहीं पड़ती
जानी नहीं पड़ती
तब तक
जब तक थैली नहीं भरती
फिर भरी थैलियां लेकर
सिर्फ एक बार आती
बच्चों को अच्छी तरह खिलाती
खुद भी खाती
और आज नहीं जाती
जाती तो छुपा के रखती
इतना रखती
कि फिर जानी नहीं पड़ती
आराम फर्माती
मगर-बेचारी चिड़िया...
फिर चिड़ियों की माँ
चिड़ियों के लिए
चुगी चारा ले आई
काश!
उसके अंगों में
चोंच को छोड़ कर
ऊंटों की तरह
एक और
कम से कम
एक और परत
थैलियों की होती
बार बार उसे
आनी नहीं पड़ती
जानी नहीं पड़ती
तब तक
जब तक थैली नहीं भरती
फिर भरी थैलियां लेकर
सिर्फ एक बार आती
बच्चों को अच्छी तरह खिलाती
खुद भी खाती
और आज नहीं जाती
जाती तो छुपा के रखती
इतना रखती
कि फिर जानी नहीं पड़ती
आराम फर्माती
मगर-बेचारी चिड़िया...
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