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मेरे अपने हो जाओ

तुम्हारी सांसों
के सरगम पर
सितारों की तान दूँ
जब तुम
मेरे अपने हो जाओ

मेघाच्छन आकाश
ना भी होने पर
बरसात के फुहारों का
अहसास दूँ
जब तुम
मेरे अपने हो जाओ

हां...
मैं कह रहा हूँ
दुनिया के सारे प्रतिबन्ध
टूट जाएंगे उस पल
हमारे अपने कानून चलेंगे
दिन को रात
रात को दिन
सुबह को शाम
सूरज को चांद
करते चले जायेंगे

हवा हीन मौसम में
बसंती बयार
मधु ना होने पर
अमिय सागर में
सरावोर होंगे
मगर कब ?
जब तुम
मेरे अपने हो जाओ

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